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आर्यावर्त के आरण्य क्षेत्र में कई ऋषियों के उपनिवेश बने हुए थे जहाँ प्रकृति संतुलन ,सामाजिक ब्यबस्था ,अस्त्र शस्त्र का संचालन , उन पर शोध कार्य . परिक्षण प्रयोग आदि का कार्य एवं शिक्षण कार्य होता था इन उपनिवेश के आचार्य और कुलपति को तत्कालीन राजाओ का संरंक्षण प्राप्त था इन उपनिवेश को सामान्यतयः आश्रम कहा जाता था . ये आश्रम सामाजिक ब्यबस्था में प्रमुख भूमिका निभाते थे .